क़यामत के बारे में अकीदा

Wednesday, April 14, 2010 1:12 AM Posted by rafiq khan

तौहीद व रिसालत की तरह क़यामत पर भी ईमान लाना जरूरी है.क़यामत का इनकार
करने वाला काफिर है.हर मुसलमान के लिए इस अकीदे पर ईमान लाना जरूरी है कि
एक दिन ये सारी दुनिया जमीन व आसमान बल्कि पूरा ब्रह्माण्ड फना(ख़त्म) हो जायेगा.
इसी का नाम क़यामत या प्रलय है.क़यामत आने से पहले कुछ निशानियाँ ज़ाहिर होंगी
जिनमे से कुछ निशानियाँ ये है-इल्म(ज्ञान) उठ जाएगा.चारों तरफ जिहालत होगी.खुल्लम
खुल्ला बलात्कार व बदकारी होगी.मर्दों की संख्या कम और औरतों की संख्या बहुत ज्यादा
हो जाएगी यहाँ तक कि एक मर्द के साथ पचास औरतें होंगी.अरब देश में खेती,बाग़ और
नहरें हो जाएगी.दीन पर रहना इतना मुश्किल हो जाएगा कि आदमी कब्रस्तान में जाकर ये
तमन्ना करेगा कि काश मैं इस कब्र में होता.लोग इल्मे दीन(धार्मिक शिक्षा) पढेंगे लेकिन
दीन के लिए नहीं.मर्द अपनी बीवी का गुलाम होगा और माँ बाप का नाफरमान.मस्जिदों में
लोग शोर मचाएंगे.गाने बजाने का रिवाज़ बहुत ज्यादा हो जायेगा.गुजरे हुए लोगों पर लोग
लानत करेंगे और बुरा भला कहेंगे.जानवर आदमी से बात करेंगे.ऐसे लोग जिनको तन का
कपडा और जूतियां भी नशीब न थी वो बड़े बड़े महलों में रह कर घमंड करेंगे.वक़्त में बरकत
न रहेगी यहाँ तक कि एक साल एक महीने के बराबर,महिना हफ्ते के बराबर और हफ्ता एक
दिन के बराबर हो जायेगा.इसके अलावा भी बहुत सी निशानियाँ जाहिर होंगी.
अल्लाह व रसूल ने जितनी भी क़यामत की निशानियाँ बतलाई है यकीनन सब जाहिर होकर
रहेंगी.यहाँ तक कि हजरत महदी अलैहिस्सलाम का ज़हूर होगा.दज्जाल आएगा.दज्जाल को
मारने के लिए हजरत ईसा अलैहिस्सलाम आसमान से उतरेंगे.याजूज व माजूज जो बहुत
खतरनाक प्राणी है वो निकल कर पूरी ज़मीन पर फ़ैल जायेंगे.और बड़े बड़े फसाद और बर्बादी
करेंगे.फिर खुदा के कहर से मर जायेंगे.सूरज पक्शिम से निकलेगा.कुरआन के हुरूफ़(अक्षर)
उड़ जायेंगे.यहाँ तक कि दुनिया के तमाम मुसलमान मर जायेंगे और पूरी दुनिया काफिरों से
भर जाएगी.इस तरह जब क़यामत कि निशानियाँ जाहिर हो चुकी होंगी तो अचानक खुदा के
हुक्म से हजरत इस्राफील अलैहिस्सलाम जो एक फ़रिश्ता हैं सुर फूकेंगे जिससे ज़मीन व
आसमान टूट कर टुकड़े टुकड़े हो जायेंगे.सभी समन्दरों में तूफ़ान आ जायेगा और ज़मीन फटने
से एक समन्दर दुसरे समन्दर से मिल जाएगा.सभी प्राणी इंसान,जानवर,पक्षी सब मर जायेंगे.
सारी दुनिया नेस्त व नाबूद और तहस नहस होकर बर्बाद हो जाएगी.फिर एक मुद्दत के बाद जब
अल्लाह को मंजूर होगा हजरत इस्राफील दोबारा सुर फूंकेंगे.फिर दुनिया दोबारा पैदा हो जाएगी.
और सभी मुर्दे जिन्दा होकर महशर के मैदान में इकट्ठे होंगे जहाँ सबके आमाल(कर्म) तराजू
में तोले जायेंगे.हिसाब किताब होगा.हमारे पैगम्बर हुज़ूर सल्ल: शफाअत फरमाएंगे.नेक लोगों
को जन्नत(स्वर्ग) में भेज दिया जायेगा और गुनहगारों को दोजख(नरक) में डाल दिया जाएगा.

जहन्नम पैदा हो चुकी है.उसमें तरह तरह के अज़ाब के सामान मौजूद है.जहन्नमी लोगों में से
जिन लोगों के दिल में जरा भी ईमान होगा वो अपने गुनाहों की सजा भुगत कर पैगम्बरों और
बुजुर्गों की शफाअत से जहन्नम(नरक) से निकल कर जन्नत में भेज दिए जायेंगे.मोमिन कितना
भी बड़ा गुनहगार क्यों न हो वह हमेशा दोजख में नहीं रहेगा बल्कि कुछ दिनों तक अपने गुनाहों
की सजा भुगत कर जन्नत में भेज दिया जाएगा.कुफ्फार व मुशरिकीन हमेशा हमेशा जहन्नम
में रहेंगे और तरह तरह के अजाबों में गिरफ्तार रहेंगे.
जन्नत भी पैदा हो चुकी है.उसमे तरह तरह की नेअमतों का सामान मौजूद है.खुदा जन्नतियों की
हर ख्वाहिश और तमन्ना को पूरी करेगा.वो हमेशा जन्नत में रहेंगे उनको कभी मौत नहीं आएगी.
शिर्क और कुफ्र के गुनाह को अल्लाह कभी माफ़ नहीं करेगा.इनके अलावा दुसरे छोटे बड़े गुनाहों
को जिसको अल्लाह चाहेगा माफ़ कर देगा जिसको चाहेगा अजाब देगा.

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