सहाबियों के बारे में अकीदा

Friday, April 9, 2010 11:45 PM Posted by rafiq khan

हमारे पैगम्बर हज़रत मुहम्मद सल्ल: को जिन खुशनसीब लोगों ने ईमान की
हालत में देखा और ईमान पर ही उनका खात्मा हुआ उन बुजूर्गों को सहाबी कहते
हैं.इन हजरात का सारी उम्मत में सबसे ज्यादा बुलन्द दर्ज़ा है.बड़े से बड़ा वली भी
कम से कम दर्जे के सहाबी के मर्तबे तक नहीं पहुँच सकता.इन सहाबा में सबसे
अफज़ल चार सहाबी हैं.पहले हजरत अबू बक्र सिद्दीक रदियल्लाहू अन्हु.ये रसूल
मुहम्मद सल्ल:के बाद उनके जानशीन हुए और खलीफा बने.तमाम उम्मतियों में
ये सबसे अफज़ल है.उनके बाद हजरत उमर रदियल्लाहू अन्हु का दर्ज़ा है.ये हमारे
रसूल के दूसरे खलीफा है.उनके बाद हजरत उस्मान गनी का दर्ज़ा है.ये हमारे रसूल
के तीसरे खलीफा हैं.उनके बाद हजरत अली रदियल्लाहू अन्हु का दर्ज़ा है.ये हमारे
रसूल के चौथे खलीफा हैं.
हुज़ूर नबीए करीम सल्ल: की निस्बत और तालुक(सम्बन्ध) की वजह से तमाम
सहाबा का अदब व अहतराम और इन बुजूर्गों के साथ मोहब्बत व अकीदत तमाम
मुसलामानों पर फ़र्ज़ है.इसी तरह हुज़ूर सल्ल: की औलाद और बीवियों और अहले बैत
और आपके खानदान वाले और तमाम वो चीजें जिन को आपसे निस्बत व तालुक हो
सबकी ताजीम व अहतराम लाजिम है.

Comment (1)

सलाम.. बहुत अच्छा लिखते हो.मै हजरत उस्मान गनी R A.. के विषय में और जानकारी चाहता था इसलिए आपके ब्लॉग पर चला आया.. पर जो भी मिला है उसे जानकर अच्छा लगा..

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